चंडीगढ़ को मैंने जवान होते देखा है...मेरे साथ-साथ ही बड़ा हुआ है. मैं इसकी नब्ज़ को पहचानता हूँ. इसके चौक-चौराहों और बाजारों को आबाद होते तो देखा ही है, इसकी पहचान इसके चौराहों को ख़त्म होते भी देख रहा हूँ. इसी शहर से जुडी कुछ यादें और बातें....
Monday, June 29, 2009
Saturday, June 13, 2009
Thursday, April 23, 2009
Thursday, March 26, 2009
Sunday, March 22, 2009
Thursday, March 19, 2009